केतान सिंह - कला के उस्ताद!!




आज मैंने सोचा था कि मैं प्रसिद्ध कलाकार के बारे में कुछ नहीं लिखूंगा, लेकिन मैं खुद को रोक नहीं पाया। क्योंकि केतान सिंह जैसे कलाकारों को तो लिखना ही चाहिए। जिस तरह चाय के साथ पकौड़े और राजमा चावल के साथ अचार, उसी तरह कला के साथ केतान सिंह का नाम जुड़ गया है।
एक बार की बात है... मैं मुंबई में उनके स्टूडियो में था। वह एक विशाल जगह थी, जो उनके भव्य चित्रों और मूर्तियों से भरी हुई थी। उनके चेहरे पर हमेशा एक मुस्कान रहती थी, और उनकी आँखों में एक चमक, जैसे कि वह किसी रहस्य को जानते हों।
उनसे मिलते ही ऐसा लगता है जैसे आप किसी पुराने दोस्त से मिल रहे हैं। वह बहुत विनम्र और मिलनसार हैं। उनकी बातों में एक खास तरह की मिठास है, जो आपको तुरंत उनसे जुड़ने पर मजबूर कर देती है।
उनकी कला भी उनकी तरह ही असाधारण है। उनके कैनवास पर रंग जीवंत हो उठते हैं, जैसे कि वे सांस ले रहे हों। उनकी मूर्तियाँ इतनी जीवंत और सजीव हैं कि ऐसा लगता है कि वे अभी-अभी चलने को तैयार हैं।
मुझे याद है एक बार उनकी एक प्रदर्शनी में जाना। वहाँ उनकी एक पेंटिंग थी, जिसमें समुद्र तट पर एक महिला बैठी हुई थी। सूरज की रोशनी उसकी त्वचा पर ऐसे पड़ रही थी, जैसे कि वह चमक रही हो। उसके बाल हवा में लहरा रहे थे, और उसकी आँखों में एक गहरापन था जो मुझे अंदर तक झकझोर गया।
उनकी कला प्रकृति से गहराई से प्रेरित है। उनका मानना है कि प्रकृति ही सबसे बड़ी कलाकार है, और उनका उद्देश्य केवल उसके द्वारा बनाए गए चमत्कारों को कैनवास पर उतारना है।
उनकी कला में भावनाओं की गहराई है। वे अपने काम के माध्यम से मानवीय स्थिति की खोज करते हैं। उनके चित्र और मूर्तियाँ हमें हंसती हैं, हमें रुलाती हैं और हमें सोचने पर मजबूर करती हैं।
उनकी कला की सबसे खास बात यह है कि यह सभी तक पहुंचती है। यह लोगों को एक साथ लाता है, चाहे उनकी उम्र, पृष्ठभूमि या संस्कृति कुछ भी हो। यह कुछ ऐसा है जो केवल एक महान कलाकार ही कर सकता है।
केतान सिंह एक ऐसे व्यक्ति हैं जिनका जीवन कला के प्रति समर्पित रहा है। उनकी कला ने लाखों लोगों के जीवन को छुआ है, और निश्चित रूप से आने वाले कई वर्षों तक ऐसा ही करते रहेंगे। इसलिए अगर आपको कला से प्यार है, तो आपको केतान सिंह की कला को जरूर देखना चाहिए। यह आपको निराश नहीं करेगा।